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Muzaffarpur Gas Pipeline Blast: मुजफ्फरपुर में PNG पाइपलाइन ब्लास्ट से एक की मौत, जुलाई में दी गई थी चेतावनी; फिर कैसे हुआ हादसा?

Muzaffarpur Gas Pipeline Blast Gobarsahi
Muzaffarpur PNG Gas Pipeline Blast 2026

मुजफ्फरपुर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट: JCB की खुदाई से एक की मौत, जुलाई में दी गई थी चेतावनी; फिर कैसे हुआ हादसा?

Muzaffarpur Gas Pipeline Blast: बिहार के मुजफ्फरपुर में नाला निर्माण के दौरान हुई गैस पाइपलाइन दुर्घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण एजेंसियों के बीच समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 2 नवंबर 2026 को सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही-डुमरी रोड स्थित साहू चौक के पास JCB से खुदाई के दौरान भूमिगत PNG गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। गैस रिसाव के बाद हुए जोरदार विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसे में आसपास के मकानों, दुकानों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।

सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब मुजफ्फरपुर में इससे पहले भी खुदाई के दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, तो फिर जरूरी सुरक्षा इंतजामों को लेकर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?

Muzaffarpur Gas Blast

कैसे हुआ गोबरसही में भीषण विस्फोट?

सोमवार, 2 नवंबर की दोपहर गोबरसही-डुमरी रोड पर नाला निर्माण का काम चल रहा था। इसी दौरान JCB मशीन से सड़क किनारे खुदाई की जा रही थी। खुदाई के दौरान मशीन की चपेट में जमीन के नीचे बिछी PNG गैस पाइपलाइन आ गई। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होते ही गैस का रिसाव शुरू हुआ और कुछ ही देर में आग के साथ जोरदार विस्फोट हो गया।

धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई वाहन आग और विस्फोट की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। आसपास के मकानों और दुकानों के शीशे टूटने की भी खबर सामने आई।

स्कूटी से गुजर रहे निवास सिंह की गई जान

इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान निवास सिंह के रूप में हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, वह विज्ञान विषय के कोचिंग संचालक थे और घटना के समय स्कूटी से वहां से गुजर रहे थे। इसी दौरान वह विस्फोट की चपेट में आ गए।

शुरुआती जानकारी में छह घायलों की खबर सामने आई थी। बाद की रिपोर्टों में घायलों की संख्या 12 बताई गई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन और आपातकालीन टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटीं।

Muzaffarpur Gas Pipeline Blast: जुलाई में भी फटी थी PNG पाइपलाइन, फिर क्यों नहीं बरती गई सावधानी?

इस घटना को और गंभीर बनाने वाला पहलू यह है कि मुजफ्फरपुर में इससे पहले भी निर्माण कार्य के दौरान PNG पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है।

17 जुलाई 2026 को मुजफ्फरपुर के रोहुआ इलाके में नाला निर्माण के दौरान खुदाई करते समय PNG पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। उस समय गैस रिसाव के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी और पांच छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई थी।

इस घटना के बाद इंडियन ऑयल ने भी निर्माण एजेंसियों को भूमिगत पाइपलाइन के आसपास खुदाई से पहले संबंधित विभागों के साथ समन्वय और सुरक्षा प्रक्रिया अपनाने की अपील की थी।

इतना ही नहीं, इंडियन ऑयल के अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी ने 23 जुलाई 2026 को बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (BUIDCO) को पत्र लिखकर खुदाई से पहले सुरक्षा उपाय अपनाने और संयुक्त स्थल निरीक्षण कराने की जरूरत बताई थी।

इसके बावजूद गोबरसही में हुई घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय और सुरक्षा नियमों का पालन किस स्तर पर हुआ।

इंडियन ऑयल और निर्माण विभाग के दावों में क्या है अंतर?

हादसे के बाद इंडियन ऑयल और निर्माण कार्य से जुड़े विभागों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

इंडियन ऑयल के अधिकारियों का कहना है कि खुदाई शुरू करने से पहले कंपनी को सूचना नहीं दी गई थी और न ही निर्माण एजेंसी ने जरूरी समन्वय किया था। कंपनी के मुताबिक, पाइपलाइन की सुरक्षा के लिए पहले ही BUIDCO को पत्र भेजा गया था।

दूसरी ओर, पथ निर्माण विभाग (RCD) के एक अधिकारी ने दावा किया कि निर्माण कार्य की जानकारी इंडियन ऑयल को पहले ही दी गई थी। विभाग की ओर से यह भी कहा गया कि घटना के दिन गैस रिसाव की सूचना कंपनी को फोन के जरिए दी गई थी।

इस तरह दोनों पक्षों के दावों के बीच अब यह जांच का अहम विषय बन गया है कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले किस स्तर पर सूचना और समन्वय हुआ था। क्या पाइपलाइन की सही लोकेशन की पहचान की गई थी? क्या खुदाई के समय संबंधित कंपनी के तकनीकी कर्मचारी मौके पर मौजूद थे? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।

प्रशासन ने गठित की जांच कमेटी, पुलिस की SIT भी करेगी जांच

हादसे के बाद जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। इसके अलावा पुलिस प्रशासन ने भी मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है।

SIT का नेतृत्व नगर पुलिस अधीक्षक मोहिबुल्लाह अंसारी कर रहे हैं। टीम यह पता लगाएगी कि नाला निर्माण के दौरान पाइपलाइन कैसे क्षतिग्रस्त हुई, सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं और घटना के लिए किन लोगों या एजेंसियों की जिम्मेदारी बनती है।

पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर तकनीकी साक्ष्य और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।

2025 में बेला इंडस्ट्रियल एरिया में भी फटी थी LPG पाइपलाइन

मुजफ्फरपुर में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं का पुराना रिकॉर्ड भी चिंता बढ़ाता है। 2 मई 2025 को बेला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में पानी की पाइपलाइन बिछाने के दौरान JCB से LPG गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। उस घटना के बाद इलाके में गैस रिसाव से अफरा-तफरी मच गई थी और लोगों को अपने घरों से बाहर निकलना पड़ा था।

हालांकि, बेला की घटना LPG पाइपलाइन से जुड़ी थी, जबकि गोबरसही और रोहुआ की घटनाएं PNG पाइपलाइन से संबंधित बताई गई हैं। तीनों घटनाओं में निर्माण कार्य के दौरान भूमिगत पाइपलाइन की सुरक्षा का सवाल सामने आया है।

अब सबसे बड़ा सवाल: जिम्मेदारी किसकी तय होगी?

गोबरसही की घटना ने शहरी विकास परियोजनाओं में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी भी सड़क, नाला या अन्य निर्माण कार्य से पहले जमीन के नीचे मौजूद बिजली, पानी, सीवर और गैस पाइपलाइन की लोकेशन की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

ऐसे कार्यों में संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय, संयुक्त निरीक्षण और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन जरूरी है। अगर इन प्रक्रियाओं में चूक हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

मुजफ्फरपुर के लोगों के लिए अब सबसे अहम सवाल यह है कि क्या जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी? क्या मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और न्याय मिलेगा? और क्या भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शहर में खुदाई से पहले पाइपलाइन की पहचान और सुरक्षा जांच अनिवार्य की जाएगी?

विकास कार्य शहर की जरूरत हैं, लेकिन विकास के नाम पर आम लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। निवास सिंह की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा को प्राथमिकता कब मिलेगी।

नवाचार भारत की नजर इस मामले की जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मिलने वाली सहायता पर बनी रहेगी।

 

 

 

Manish Kumar

Manish Kumar एक पेशेवर पत्रकार हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित 'माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय' से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स (Master's in Mass Communication) की डिग्री हासिल की है। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने 'TV9 भारतवर्ष' और 'ABP न्यूज़' जैसे राष्ट्रीय न्यूज़ संस्थानों के साथ काम किया और पत्रकारिता का गहरा अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में वे डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म 'नवाचार भारत' का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं, जहाँ वे अपनी बेबाक ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए जनता से जुड़े अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं।

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